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Showing posts from November, 2023

राम नाम शब्द की महिमा

1️⃣1️⃣❗1️⃣1️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣3️⃣ "राम" शब्द में दो अर्थ व्यंजित हैं। सुखद होना और ठहर जाना जैसे अपने मार्ग से भटका हुआ कोई क्लांत पथिक किसी सुरम्य स्थान को देखकर ठहर जाता है। हमने सुखद ठहराव का अर्थ देने वाले जितने भी शब्द गढ़े, सभी में "राम" अंतर्निहित है, यथा आराम, विराम, विश्राम, अभिराम, उपराम, ग्राम जो रमने के लिए विवश कर दे, वह "राम" जीवन की आपाधापी में पड़ा अशांत मन, जिस आनंददायक गंतव्य की सतत तलाश में है, वह गंतव्य है "राम" भारतीय मन हर स्थिति में "राम"को साक्षी बनाने का आदी है।  दुःख में  "हे राम" पीड़ा में  "अरे राम"  लज्जा में  "हाय राम" अशुभ में  "अरे राम राम"  अभिवादन में  "राम राम"  शपथ में  "राम दुहाई" अज्ञानता में  "राम जाने" अनिश्चितता में  "राम भरोसे"  अचूकता के लिए "रामबाण"  मृत्यु के लिए  "रामनाम सत्य" सुशासन के लिए "रामराज्य" जैसी अभिव्यक्तियां पग-पग पर "राम" को साथ खड़ा करतीं हैं। "राम" भी इतने...

मैनेजमेंट के गुण श्री हनुमान चालीसा मे

 श्रीहनुमान चालीसा में छिपे मैनेजमेंट के सूत्र... इसका जाप बहुत ही अद्भुत और चमत्कारिक है कई लोगों की दिनचर्या श्री हनुमान चालीसा पढ़ने से शुरू होती है। पर क्या आप जानते हैं कि श्री हनुमान चालीसा में 40 चौपाइयां हैं, ये उस क्रम में लिखी गई हैं जो एक आम आदमी की जिंदगी का क्रम होता है। माना जाता है कि श्री तुलसीदास जी ने चालीसा की रचना मानस से पूर्व किया था श्री हनुमान जी को गुरु बनाकर उन्होंने श्रीराम जी को पाने की शुरुआत की। अगर आप सिर्फ श्री हनुमान चालीसा पढ़ रहे हैं तो यह आपको भीतरी शक्ति तो दे रही है लेकिन अगर आप इसके अर्थ में छिपे जिंदगी के सूत्र समझ लें तो आपको जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिला सकते हैं। श्रीहनुमान चालीसा सनातन परंपरा में लिखी गई पहली चालीसा है शेष सभी चालीसाएं इसके बाद ही लिखी गई। श्रीहनुमान चालीसा की शुरुआत से अंत तक सफलता के कई सूत्र हैं। आइए जानते हैं श्रीहनुमान चालीसा से आप अपने जीवन में क्या-क्या बदलाव ला सकते हैं…. शुरुआत गुरु से… श्रीहनुमान चालीसा की शुरुआत गुरु से हुई है… श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि। अर्थ - अपने गुरु के चरणों की धूल से...