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नेपोलियन हिल सफलता के 13 सुझाव

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ऐसे हज़ारों सफल पुरुष और महिलाएँ हैं जो आज जहाँ हैं, वह इसलिए हैं क्योंकि उन्होंने एक बार नेपोलियन हिल की किताब "थिंक एंड ग्रो रिच" की कॉपी उठाई थी। फिर जो आदमी खड़ा होता है और दुनिया में चलता है, वह एक अलग, बदला हुआ आदमी होता है। वह सपनों को हकीकत में बदलने और विचारों को हकीकत में बदलने का अनोखा ज्ञान रखने वाला व्यक्ति बन जाता है। थिंक एंड ग्रो रिच के पीछे का रहस्य, जिस कारण से यह समय की कसौटी पर खरा उतरा है, वह यह है कि यह इस स्पष्ट, अपरिवर्तनीय तथ्य पर आधारित है कि सब कुछ एक विचार से शुरू होता है। विचार अविश्वसनीय रूप से शक्तिशाली होते हैं जब उन्हें उद्देश्य की निश्चितता, दृढ़ता और भौतिक संपदा में उनके अनुवाद की तीव्र इच्छा द्वारा समर्थित किया जाता है। बेशक धन वह है जो आप चाहते हैं। दूसरे शब्दों में, अपने मन को नियंत्रित करके, आप अपने भाग्य को नियंत्रित कर सकते हैं। आप नेपोलियन हिल के सफलता के प्रसिद्ध 13 सिद्धांतों को आत्मसात करके और उन्हें लागू करके आज ही उस अद्भुत प्रक्रिया की शुरुआत कर सकते हैं। 1- इच्छा इच्छा सभी उपलब्धियों का प्रारंभिक बिंदु है, धन की ओर पहला कदम है।...

रामायण की कुछ विशेष जानकारी

 रामायण में वर्णित मुख्य स्थान :: 1.तमसा नदी : अयोध्या से 20 किमी दूर है तमसा नदी। यहां पर उन्होंने नाव से नदी पार की।   2.श्रृंगवेरपुर तीर्थ : प्रयागराज से 20-22 किलोमीटर दूर वे श्रृंगवेरपुर पहुंचे, जो निषादराज गुह का राज्य था। यहीं पर गंगा के तट पर उन्होंने केवट से गंगा पार करने को कहा था। श्रृंगवेरपुर को वर्तमान में सिंगरौर कहा जाता है।   3.कुरई गांव : सिंगरौर में गंगा पार कर श्रीराम कुरई में रुके थे।   4.प्रयाग: कुरई से आगे चलकर श्रीराम अपने भाई लक्ष्मण और पत्नी सहित प्रयाग पहुंचे थे। कुछ महीने पहले तक प्रयाग को इलाहाबाद कहा जाता था ।   5.चित्रकूट : प्रभु श्रीराम ने प्रयाग संगम के समीप यमुना नदी को पार किया और फिर पहुंच गए चित्रकूट। चित्रकूट वह स्थान है, जहां राम को मनाने के लिए भरत अपनी सेना के साथ पहुंचते हैं। तब जब दशरथ का देहांत हो जाता है। भारत यहां से राम की चरण पादुका ले जाकर उनकी चरण पादुका रखकर राज्य करते हैं।   6.सतना: चित्रकूट के पास ही सतना (मध्यप्रदेश) स्थित अत्रि ऋषि का आश्रम था। हालांकि अनुसूइया पति महर्षि अत्रि चित्रकूट के तपोवन में रहा ...

तुलसी पेड , तुलसी का पौधा

तुलसी का पौध लगाने संबंधित जानकारी- इस पेड को कहाँ लगायें और इस पेड के लगाने से क्या फायदे है और इस पेड को लगाने के बाद देखभाल और सावधानी क्या-क्या रखें... हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत ही शुभ माना गया है. इसे मां लक्ष्‍मी का अंश माना जाता है. धर्म, ज्‍योतिष के अलावा वास्‍तु शास्‍त्र (Vastu Shastra) में भी तुलसी को बहुत महत्‍व दिया गया है. जिस घर में तुलसी रहती है और रोज उसकी पूजा की जाती है, वहां हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहती है. इसके अलावा तुलसी का पौधा वातावरण में सकारात्‍मकता भी लाता है. इसलिए हर घर में सही जगह पर तुलसी का पौधा लगाने की सलाह दी जाती है.  जरूर पालन करें ये नियम - @ तुलसी का पौधा लगाने पर इससे जुड़े कुछ नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है. जैसे - तुलसी के पौधे को कभी भी गंदे हाथों से नहीं छूना चाहिए, ना ही जूते-चप्‍पल पहनकर तुलसी को छूना चाहिए. तुलसी का पौधा बहुत पवित्र होता है, उसे हमेशा नहा-धोकर छूना चाहिए. इसके अलावा तुलसी के पौधे में कभी भी रविवार और एकादशी को जल न चढ़ाएं. इस दिन तुलसी जी भगवान विष्‍णु के लिए व्रत रखती हैं और जल चढ़ाने से व्रत टूट जाता है. ...

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