मुद्रा विज्ञान का रहस्य
मुद्रा चिकित्सा- सम्पूर्ण प्रकृति और हमारा (मानव) शरीर पांच तत्वों से मिलकर बना होता है। मानव शरीर लघु ब्रम्हाण्ड स्वरूप है। सम्पूर्ण ब्रम्हाण्ड का प्रतीक यह मानव शरीर भी ब्रम्हाण्ड के समान ही पांच तत्वों (अग्नि, वायु, आकाश, पृथ्वी, जल) के योग से बना है। मुद्र विज्ञान का आधारभूत सिद्धांत यह है कि शरीर में इन पाँच तत्वों में असन्तुलन और घटा-बढी से रोगों की उत्पत्ति होती है और इन पाँच तत्वों में समता और सन्तुलन होने से हम स्वस्थ रहते हैं। अनन्त रहस्यों का भण्डार यह मानव शरीर स्वास्थ्य की द्रष्टि से भी अपने आप में पूर्ण और निर्भर है। मानव शरीर अनन्त रहस्यों का भण्डार है। परमात्मा ने इसे पूर्ण, आत्म निर्भर और परिपूर्ण बनाया है। उसमे अपने आप को निरोग रखने तथा रोगों का उपचार करने, दोनो प्रकार की शक्ति मौजूद हो। मानव देह का एक अंग मानव मस्तिष्क आधूनिकतम वैज्ञानिक कम्प्यूटर से भी कहीं अधिक क्षमतावान है जिसका अन्दाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि हजारों सालों की निरन्तर शोध के बावजूद भी विज्ञान मस्तिष्क के र...