तुलसी पेड , तुलसी का पौधा

तुलसी का पौध लगाने संबंधित जानकारी- इस पेड को कहाँ लगायें और इस पेड के लगाने से क्या फायदे है और इस पेड को लगाने के बाद देखभाल और सावधानी क्या-क्या रखें...

हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत ही शुभ माना गया है. इसे मां लक्ष्‍मी का अंश माना जाता है. धर्म, ज्‍योतिष के अलावा वास्‍तु शास्‍त्र (Vastu Shastra) में भी तुलसी को बहुत महत्‍व दिया गया है. जिस घर में तुलसी रहती है और रोज उसकी पूजा की जाती है, वहां हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहती है. इसके अलावा तुलसी का पौधा वातावरण में सकारात्‍मकता भी लाता है. इसलिए हर घर में सही जगह पर तुलसी का पौधा लगाने की सलाह दी जाती है. 

जरूर पालन करें ये नियम -

@ तुलसी का पौधा लगाने पर इससे जुड़े कुछ नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है. जैसे - तुलसी के पौधे को कभी भी गंदे हाथों से नहीं छूना चाहिए, ना ही जूते-चप्‍पल पहनकर तुलसी को छूना चाहिए. तुलसी का पौधा बहुत पवित्र होता है, उसे हमेशा नहा-धोकर छूना चाहिए. इसके अलावा तुलसी के पौधे में कभी भी रविवार और एकादशी को जल न चढ़ाएं. इस दिन तुलसी जी भगवान विष्‍णु के लिए व्रत रखती हैं और जल चढ़ाने से व्रत टूट जाता है. जिससे तुलसी माता नाराज होती हैं और दोष लगता है.
@ इसके अलावा रोज शाम को तुलसी के पौधे के नीचे दीपक लगाएं. 

तुलसी में ये बदलाव हैं खतरे की घंटी 

घर में लगा तुलसी का पौधा न केवल घर के लोगों को कई संकटों से बचाता है, बल्कि वह आगामी शुभ-अशुभ घटनाओं का संकेत भी देता है. लिहाजा तुलसी के पौधे में अचानक बदलाव नजर आएं तो उनकी अनदेखी न करें. 

तुलसी का पौधा सूखना: घर में लगी हरी-भरी तुलसी यदि अचानक सूख जाए तो यह किसी परेशानी के आने का संकेत है. ऐसे में सतर्क हो जाएं और तुरंत सूखे हुए तुलसी के पौधे को निकालकर दोबारा पौधा लगाएं. साथ ही भगवान विष्‍णु की आराधना करें. 

नया पौधा झड़ जाए: यदि घर में तुलसी का नया पौधा लगाएं और वह 2 दिन में ही सूखकर झड़ जाए तो यह पितृ दोष का संकेत है. पितृ दोष के कारण घर में झगड़े भी होते हैं, यदि ये दोनों संकेत मिलें तो तत्‍काल पितृ दोष दूर करने के उपाय कर लें. 

तुलसी अचानकर हरी-भरी हो जाए: तुलसी का पौधा
अचानक बढ़ जाए और खूब हरा-भरा हो जाए तो यह बहुत शुभ होता है. यह किसी सुखद घटना का पूर्व संकेत है. 

Comments

Popular posts from this blog

कोलेजन बूस्टर पाउडर बनाने का तरीका

सहनशील कैसे बनें और सहनशील बनने के फायदे।

कपालभाती प्राणायाम Kapaal Bhaati