चिरचिटा, अपामार्ग, लटजीरा का आयुर्वेदिक प्रयोग
अपामार्ग, जिसे सामान्य बोलचाल में लटजीरा या चिरचिटा भी कहा जाता है, आयुर्वेद की एक अत्यंत गुणकारी और दिव्य औषधि है। इसके पत्ते एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और दर्द निवारक गुणों से भरपूर होते हैं, जिनका उपयोग कई प्रकार की शारीरिक समस्याओं के उपचार में किया जाता है। *अपामार्ग के पत्तों के प्रमुख फायदे * **दांत और मसूड़ों के दर्द में राहत अपामार्ग के पत्तों का रस दांत दर्द और मसूड़ों की सूजन को दूर करने में बेहद कारगर है। पत्तों को पानी में उबालकर कुल्ला करने से पायरिया, मुंह की बदबू और मसूड़ों से खून आने की समस्या में तुरंत आराम मिलता है। * **घाव और चोट भरने में असरदार इन पत्तों में प्राकृतिक एंटीसेप्टिक गुण होते हैं। ताजे पत्तों को पीसकर पेस्ट बनाकर कटे हुए स्थान या घाव पर लगाने से खून बहना बंद होता है और संक्रमण का खतरा खत्म होकर घाव तेजी से भरता है। * **कीड़े के काटने और विषैले डंक पर मधुमक्खी, ततैया, बिच्छू या किसी विषैले कीड़े के काटने पर अपामार्ग के पत्तों का लेप लगाने से जलन, सूजन और दर्द तुरंत कम हो जाता है। * **पाचन तंत्र और बवासीर में लाभकारी प...