Posts

सकारात्मक सोच

सकारात्मक सोच एक बार एक केकड़ा समुद्र किनारे अपनी मस्ती में चला जा रहा था और बीच-बीच में रुक रुक कर अपने पैरों के निशान देखकर खुश होता, आगे बढ़ता और पैरों के निशान देखता उससे बनी  डिजाइन देख कर और खुश होता, इतने में एक लहर आई और उसके पैरों के सब निशान मिट गये। इस पर केकड़े को बड़ा गुस्सा आया, उसने लहर से बोला ऐ लहर मैं तो तुझे अपना मित्र मानता था, पर ये तूने क्या किया, मेरे बनाये सुंदर पैरों के निशानों को ही मिटा दिया कैसी दोस्त हो तुम । तब लहर बोली वो देखो पीछे से मछुआरे लोग पैरों के निशान देखकर ही तो केकड़ों को पकड़ रहे हैं, हे मित्र तुमको वो  पकड़ न लें, बस इसीलिये मैंने निशान मिटा दिये हैं।     सच यही है कई बार हम गुरुजनों की और माता-पिता की बातों को समझ नहीं पाते हैं और अपनी सोच अनुसार उसे गलत समझ लेते हैं, जबकि हर सिक्के के दो पहलू होते हैं ! अतः मन में बैर लाने से बेहतर है कि हम सोच समझकर निष्कर्ष निकाले... HARISH CHANDRA RAJPUT  DTHT buildcon pvt.ltd at Super corridor Indore mp  🌹Jay Shree Ram🌹

मुद्रा विज्ञान का रहस्य

मुद्रा चिकित्सा- सम्पूर्ण प्रकृति और हमारा (मानव) शरीर पांच तत्वों से मिलकर बना होता है।           मानव शरीर लघु ब्रम्हाण्ड स्वरूप है। सम्पूर्ण ब्रम्हाण्ड का प्रतीक यह मानव शरीर भी ब्रम्हाण्ड के समान ही पांच तत्वों (अग्नि, वायु, आकाश, पृथ्वी, जल) के योग से बना है। मुद्र विज्ञान का आधारभूत सिद्धांत यह है कि शरीर में इन पाँच तत्वों में असन्तुलन और घटा-बढी से रोगों की उत्पत्ति होती है और इन पाँच तत्वों में समता और सन्तुलन होने से हम स्वस्थ रहते हैं।        अनन्त रहस्यों का भण्डार यह मानव शरीर स्वास्थ्य की द्रष्टि से भी अपने आप में पूर्ण और निर्भर है।        मानव शरीर अनन्त रहस्यों का भण्डार है। परमात्मा ने इसे पूर्ण, आत्म निर्भर और परिपूर्ण बनाया है। उसमे अपने आप को निरोग रखने तथा रोगों का उपचार करने, दोनो प्रकार की शक्ति मौजूद हो। मानव देह का एक अंग मानव मस्तिष्क आधूनिकतम वैज्ञानिक कम्प्यूटर से भी कहीं अधिक क्षमतावान है जिसका अन्दाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि हजारों सालों की निरन्तर शोध के बावजूद भी विज्ञान मस्तिष्क के र...

श्री महालक्ष्मी मां दिव्य मन्त्र

Image
श्री महालक्ष्मी दिव्य मन्त्र- ऊँ नमो भगवती महालक्ष्मी, धनम, वस्त्रम, अन्नम  पूरय-पूरय आनय-आनय सुखम कुरू-कुरू स्वाहा।। नोट- आप जब भी इस दिव्य मन्त्र का जप करें, श्री महालक्ष्मी माता जी की मूर्ति या फोटो के सामने प्रेम से माता जी का ध्यान करते हुए जप करें, और बैठने के लिए पीले रंग के आसन का उपयोग करें, अवश्य लाभ होगा।   इस दिव्य मन्त्र का जप कम से कम 9, 21 या 108 बार प्रतिदिन जप अवश्य करना चाहिए। लगातार 48 दिन जप करने से माता रानी की कृपा अवश्य प्राप्त होगी और आपकी सभी मनोकामनायें पूर्ण होंगी। जय माता दी 🙏🌹🌹💐💐 बाय- राष्ट्रीय संत श्री वसंत विजय जी महाराज, तमिलनाडू

इन्दौर-उज्जैन मेट्रो न्यूज

Image
सभी 🕉🔱"महाकाल"🔱🕉 भक्तों के लिए बहुत बडी खुशखबरी है। इन्दौर और उज्जैन के बीच की दूरी होगी अब खत्म, नगरीय प्रशासन मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय जी ने घोषणा की है कि इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो ट्रेन का संचालन साल 2028 के आने वाले सिंहस्थ से पहले किया जायेगा। इसके लिए माननीय मुख्य मन्त्री श्री मोहन यादव जी अपनी मोहर लगा दी है... इन्दौर  और उज्जैन के बीच की दूरी अब मेट्रो की रफ्तार में तय होगी। नगरीय प्रशासन मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने घोषणा की है कि इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो ट्रेन का संचालन किया जाएगा। इसके लिए सर्वेक्षण शुरू हो जाएगा। मंत्री श्री विजयवर्गीय जी ने कहा कि इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बैठक में जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर अमल करने के निर्देश दे दिए हैं। यह मेट्रो लाइन 50 किलोमीटर लंबी होगी और तीन साल बाद लगने वाले सिंहस्थ मेले से पहले इसका संचालन शुरू हो सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी ने भी इंदौर मेट्रो के ट्रायल रन के दौरान इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो ट्रेन चलाने की घोषणा की थी। इंदौर से उज्जैन की दू...

सेल्फ हेल्प फंडा

Image
आप अपनी सोच बदलेंगे तो     आपका जीवन भी बदल  जायेगा... द मैजिक आफ थिंकिंग बिग से- आपकी सोच की गुणवत्ता पर निर्भर है आपका जीवन जीवन में किसी भी चीज की मात्रा बढाना चाहते हैँ, तो उसका कारण पता करें। कुछ ऐसा है जिससे आप खुश नहीं हैं, तो कारण का पता लगायें। आपके विचार और जीवन की परिस्थितियों के बुनियादी कारण हैं। आप आज जो हैं या आगे जो होंगे, आपकी सोच पर निर्भर है। सोच बदलें तो जीवन बदल लेंगे। द आटोबायोग्राफी आफ बेंजामिन फ्रैंकलिन से-  लोगों को संकेत दें कि आप गलत हो सकते हैं बेंजामिन फ्रैंकलिन राय देने के पहले बोलते थे- मुझे लगता है कि या' कुछ लोग कहते हैं कि आप भी गलत, अपने विचार व्यक्त करते हुए अगर आप संकेत देते हैं कि आप भी गलत हो सकते हैं, तो पायेंगे कि आपकी बात सुनना और आपके विचार जानना दूसरों को अच्छा लगेगा। हाउ टू विन फ्रेंड्स एंड इन्फ्लुएंस पीपल से- हम अपने जैसे लोगों को ही क्यों पसन्द करते हैं जब हम किसी को अपने किसी काम की नकल करते देखते हैं, तो अच्छा महसूस करते हैं। किसी को अपनी कही बात दोहराते सुनते हैं, तो खुश होते हैं। हम अपने जैसे लोगों को पसन्द करते...

लीडरशिप

Image
 अच्छे कामों और कोशिशों का हमेशा मीटिंग मे जिक्र करें। शोध बताते हैं कि कृतज्ञता हमारी सेहत के लिए फायदेमंद है। जबकि जब हम कृतज्ञ होते हैं, तो खुश होते हैं। मुश्किल वक्त्त में लोगों के प्रति कृतज्ञ रहना आपके अकेलेपन को कम कर देता है। इससे सामाजिक जुड़ाव का अहसास होता है और मन उदार होता है। हम समझ नही पाते हैं , लेकिन कृतज्ञता हम अपने अन्दर बार-बार महसूस करते हैं। जानिए काम के दौरान कैसे व्यक्त करें कृतज्ञता... 1) लोगों की तारीफ करने की आदत डालें काम के दौरान ही सहकर्मियों को कुछ मिनट के लिए लाइव चैट की इजाजत भी दी जा सकती है। इसी दौरान टीम के सदस्य अपने सहकर्मियों के काम की तारीफ कर सकते हैं। रोज इस तरह एक-दूसरे की सराहना करने से पूरी टीम को आगे बढाने में अपना योगदान दिया जा सकता है। 2) जानिए कि लोगों की खुशी किसमें है लोगों को किस बात से खुशी मिलती है, यह समझना भी बहुत जरूरी है। यदि कोई सहकर्मी शब्दों के माध्यम मिलने वाले समर्थन से खुश होता है, तो उसे ऐसा ही एक नोट बनाकर दें। किसी को यदि मदद से खुशी मिलती है तो उनकी किसी रिसर्च प्रोजेक्ट में मदद की जा सकती है। 3) लोगों को महत्वपूर...

नेपोलियन हिल सफलता के 13 सुझाव

Image
ऐसे हज़ारों सफल पुरुष और महिलाएँ हैं जो आज जहाँ हैं, वह इसलिए हैं क्योंकि उन्होंने एक बार नेपोलियन हिल की किताब "थिंक एंड ग्रो रिच" की कॉपी उठाई थी। फिर जो आदमी खड़ा होता है और दुनिया में चलता है, वह एक अलग, बदला हुआ आदमी होता है। वह सपनों को हकीकत में बदलने और विचारों को हकीकत में बदलने का अनोखा ज्ञान रखने वाला व्यक्ति बन जाता है। थिंक एंड ग्रो रिच के पीछे का रहस्य, जिस कारण से यह समय की कसौटी पर खरा उतरा है, वह यह है कि यह इस स्पष्ट, अपरिवर्तनीय तथ्य पर आधारित है कि सब कुछ एक विचार से शुरू होता है। विचार अविश्वसनीय रूप से शक्तिशाली होते हैं जब उन्हें उद्देश्य की निश्चितता, दृढ़ता और भौतिक संपदा में उनके अनुवाद की तीव्र इच्छा द्वारा समर्थित किया जाता है। बेशक धन वह है जो आप चाहते हैं। दूसरे शब्दों में, अपने मन को नियंत्रित करके, आप अपने भाग्य को नियंत्रित कर सकते हैं। आप नेपोलियन हिल के सफलता के प्रसिद्ध 13 सिद्धांतों को आत्मसात करके और उन्हें लागू करके आज ही उस अद्भुत प्रक्रिया की शुरुआत कर सकते हैं। 1- इच्छा इच्छा सभी उपलब्धियों का प्रारंभिक बिंदु है, धन की ओर पहला कदम है।...