आत्म सम्मोहन शक्ति और विधि
Sarvohitaaye vlogs पर आत्म सम्मोहन की शक्ति को जागृत करने के लिए स्टेप बाय स्टेप जानकारी दी गई है। सबसे पहले ध्यान से पढ़ें फिर उपयोग करें और अपने जीवन को स्वस्थ बनायें।
1. पहली स्टेप :
ध्यान, प्राणायाम और नेत्र त्राटक द्वारा आत्म सम्मोहन की शक्ति को जगाया जा सकता है। आप पहले प्रतिदिन 5 मिनट का ध्यान करते वक्त अपने भृकुटी (माथे) पर दोनों आंखों के बीच में फोकस करें या आप चाहें तो दीवार पर एक बिंदु बनाकर उसे पाँच मिनट तक देखने के बाद आँखें बंद करके उस बिंदु को देखने का प्रयास करें।
कुछ लोग अंगूठे को आँखों की सीध में रखकर तो, कुछ लोग स्पाइरल (सम्मोहन चक्र), कुछ लोग घड़ी के पेंडुलम को हिलते हुए, कुछ लोग लाल बल्ब को एकटक देखते हुए और कुछ लोग मोमबत्ती को एकटक देखते हुए भी उक्त साधना को करते हैं।
2. दूसरी स्टेप :
अब शवासन की मुद्रा में लेटकर खुद के शरीर को पूर्णतः ढीला छोड़ दें और सिर्फ स्वांसों के आवागमन पर ही ध्यान दें।
3. तीसरी स्टेप :
जब उपरोक्त का अभ्यास हो जाए तब उक्त अवस्था में ही खुद को निर्देश देना प्रारंभ करें। जैसे यदि आपमें आत्मविश्वास की कमी हो तो खुद से कहें कि मुझमें बहुत आत्मविश्वास है। आप जिस भी मानसिक रोग से पीड़ित हैं उस रोग पर ध्यान देकर अपनी मानसिक शक्ति से उसे ठीक कर सकते हैं।
4. चौथी स्टेप :
जब उपरोक्त का अभ्यास गहरा जाता है तब आप एक कदम आगे बढ़ें और यह कल्पना करें कि मेरा शरीर पूर्ण रूप से स्वस्थ हो गया है और मैं मानसिक रूप से भी मजबूत हो गया हूँ।
5. पाँचवीं स्टेप :
अब आप यह कल्पना करें कि मेरे पास इतनी शक्ति एकत्रित हो गई है कि मैं खुद के साथ ही दूसरों को भी सम्मोहित कर सकता हूँ और उनके भी रोग दूर कर सकता हूँ।
लाभ :
विधिवत रूप से सीखकर लगातार यह करने से आत्म सम्मोहन द्वारा मन की एकाग्रता, वाणी का प्रभाव व दृष्टि मात्र से उपासक अपने संकल्प को पूर्ण कर लेता है। इससे विचारों का संप्रेषण (टेलीपैथिक), दूसरे के मनोभावों को ज्ञात करना, अदृश्य वस्तु या आत्मा को देखना और दूरस्थ दृश्यों को जाना जा सकता है।
योग पैकेज :
नियमित सूर्य नमस्कार, प्राणायाम और योगनिद्रा करते हुए ध्यान करें। ध्यान में विपश्यना और नादब्रह्म का उपयोग करें। प्रत्याहार का पालन करते हुए धारणा को साधने का प्रयास करें। संकल्प के प्रबल होने से धारणा को साधने में आसानी होगी। संकल्प सधता है अभ्यास के महत्व को समझने से।
Disclaimer:-
Yeh ek Vishesh Jankari Sabhi ke hit ko dekhte huwe di gai hai, jisse sabhi Labh le sakte hain aur Swasth rahen. Ishwar/ Parmaatma ki Kripa se Aap Sabhi Swasth rahen aur Khush rahen yahi uddeshya hai mera.
Note- kisi jankar ki Salah lekar ya visheshagya ki upasthiti me Abhyas karen.
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