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इन्दौर-उज्जैन मेट्रो न्यूज

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सभी 🕉🔱"महाकाल"🔱🕉 भक्तों के लिए बहुत बडी खुशखबरी है। इन्दौर और उज्जैन के बीच की दूरी होगी अब खत्म, नगरीय प्रशासन मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय जी ने घोषणा की है कि इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो ट्रेन का संचालन साल 2028 के आने वाले सिंहस्थ से पहले किया जायेगा। इसके लिए माननीय मुख्य मन्त्री श्री मोहन यादव जी अपनी मोहर लगा दी है... इन्दौर  और उज्जैन के बीच की दूरी अब मेट्रो की रफ्तार में तय होगी। नगरीय प्रशासन मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने घोषणा की है कि इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो ट्रेन का संचालन किया जाएगा। इसके लिए सर्वेक्षण शुरू हो जाएगा। मंत्री श्री विजयवर्गीय जी ने कहा कि इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बैठक में जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर अमल करने के निर्देश दे दिए हैं। यह मेट्रो लाइन 50 किलोमीटर लंबी होगी और तीन साल बाद लगने वाले सिंहस्थ मेले से पहले इसका संचालन शुरू हो सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी ने भी इंदौर मेट्रो के ट्रायल रन के दौरान इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो ट्रेन चलाने की घोषणा की थी। इंदौर से उज्जैन की दू...

सेल्फ हेल्प फंडा

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आप अपनी सोच बदलेंगे तो     आपका जीवन भी बदल  जायेगा... द मैजिक आफ थिंकिंग बिग से- आपकी सोच की गुणवत्ता पर निर्भर है आपका जीवन जीवन में किसी भी चीज की मात्रा बढाना चाहते हैँ, तो उसका कारण पता करें। कुछ ऐसा है जिससे आप खुश नहीं हैं, तो कारण का पता लगायें। आपके विचार और जीवन की परिस्थितियों के बुनियादी कारण हैं। आप आज जो हैं या आगे जो होंगे, आपकी सोच पर निर्भर है। सोच बदलें तो जीवन बदल लेंगे। द आटोबायोग्राफी आफ बेंजामिन फ्रैंकलिन से-  लोगों को संकेत दें कि आप गलत हो सकते हैं बेंजामिन फ्रैंकलिन राय देने के पहले बोलते थे- मुझे लगता है कि या' कुछ लोग कहते हैं कि आप भी गलत, अपने विचार व्यक्त करते हुए अगर आप संकेत देते हैं कि आप भी गलत हो सकते हैं, तो पायेंगे कि आपकी बात सुनना और आपके विचार जानना दूसरों को अच्छा लगेगा। हाउ टू विन फ्रेंड्स एंड इन्फ्लुएंस पीपल से- हम अपने जैसे लोगों को ही क्यों पसन्द करते हैं जब हम किसी को अपने किसी काम की नकल करते देखते हैं, तो अच्छा महसूस करते हैं। किसी को अपनी कही बात दोहराते सुनते हैं, तो खुश होते हैं। हम अपने जैसे लोगों को पसन्द करते...

लीडरशिप

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 अच्छे कामों और कोशिशों का हमेशा मीटिंग मे जिक्र करें। शोध बताते हैं कि कृतज्ञता हमारी सेहत के लिए फायदेमंद है। जबकि जब हम कृतज्ञ होते हैं, तो खुश होते हैं। मुश्किल वक्त्त में लोगों के प्रति कृतज्ञ रहना आपके अकेलेपन को कम कर देता है। इससे सामाजिक जुड़ाव का अहसास होता है और मन उदार होता है। हम समझ नही पाते हैं , लेकिन कृतज्ञता हम अपने अन्दर बार-बार महसूस करते हैं। जानिए काम के दौरान कैसे व्यक्त करें कृतज्ञता... 1) लोगों की तारीफ करने की आदत डालें काम के दौरान ही सहकर्मियों को कुछ मिनट के लिए लाइव चैट की इजाजत भी दी जा सकती है। इसी दौरान टीम के सदस्य अपने सहकर्मियों के काम की तारीफ कर सकते हैं। रोज इस तरह एक-दूसरे की सराहना करने से पूरी टीम को आगे बढाने में अपना योगदान दिया जा सकता है। 2) जानिए कि लोगों की खुशी किसमें है लोगों को किस बात से खुशी मिलती है, यह समझना भी बहुत जरूरी है। यदि कोई सहकर्मी शब्दों के माध्यम मिलने वाले समर्थन से खुश होता है, तो उसे ऐसा ही एक नोट बनाकर दें। किसी को यदि मदद से खुशी मिलती है तो उनकी किसी रिसर्च प्रोजेक्ट में मदद की जा सकती है। 3) लोगों को महत्वपूर...

नेपोलियन हिल सफलता के 13 सुझाव

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ऐसे हज़ारों सफल पुरुष और महिलाएँ हैं जो आज जहाँ हैं, वह इसलिए हैं क्योंकि उन्होंने एक बार नेपोलियन हिल की किताब "थिंक एंड ग्रो रिच" की कॉपी उठाई थी। फिर जो आदमी खड़ा होता है और दुनिया में चलता है, वह एक अलग, बदला हुआ आदमी होता है। वह सपनों को हकीकत में बदलने और विचारों को हकीकत में बदलने का अनोखा ज्ञान रखने वाला व्यक्ति बन जाता है। थिंक एंड ग्रो रिच के पीछे का रहस्य, जिस कारण से यह समय की कसौटी पर खरा उतरा है, वह यह है कि यह इस स्पष्ट, अपरिवर्तनीय तथ्य पर आधारित है कि सब कुछ एक विचार से शुरू होता है। विचार अविश्वसनीय रूप से शक्तिशाली होते हैं जब उन्हें उद्देश्य की निश्चितता, दृढ़ता और भौतिक संपदा में उनके अनुवाद की तीव्र इच्छा द्वारा समर्थित किया जाता है। बेशक धन वह है जो आप चाहते हैं। दूसरे शब्दों में, अपने मन को नियंत्रित करके, आप अपने भाग्य को नियंत्रित कर सकते हैं। आप नेपोलियन हिल के सफलता के प्रसिद्ध 13 सिद्धांतों को आत्मसात करके और उन्हें लागू करके आज ही उस अद्भुत प्रक्रिया की शुरुआत कर सकते हैं। 1- इच्छा इच्छा सभी उपलब्धियों का प्रारंभिक बिंदु है, धन की ओर पहला कदम है।...

अचीवर कैसे बनें

 *TBA* टी बी ए सफलता का फार्मूला है T- THINK B- BELIEVE  A- ACHIEVE  THINK- थिंक= सोचिए कुछ अच्छा करने का प्लान बनायें BELIEVE- बिलीव= विश्वास कीजिए कि मैं इसे करके (पाकर) ही रहूंगा ACHIEVE- अचीव= प्राप्त कीजिए आप सब कुछ प्राप्त कर सकते हैं... इस संसार में अच्छी सोच और विश्वास के साथ की गई सही मेहनत से सब कुछ प्राप्त किया जा सकता है ईश्वर हम सब की सहायता करें क्योंकि ईश्वर के बिना कुछ भी नहीं...

जिसने मन को जीता उसने जीत लिया जग

"चेंज योर हैविट, चेंज योर लाईफ" यह बात 100 प्रतिशत सही है कि आप अपनी आदतें बदल लीजिए तो आपकी जिन्दगी पूरी बदल जायेगी। आपको अपनी जिन्दगी बदलना है तो- आपको नियमित सुबह जल्दी उठना होगा, नियमित पठन-पाठन करना होगा, नियमित व्यायाम करना होगा और वक्त को बर्बाद करने वाली चीजों के आकर्षण से दूर रहना होगा।भगवान श्रीकृष्ण ने भी यही राह दिखाई है।             सफलता के लिए लग जायें कटिबद्ध हों नियमित अभ्यास करें, मन से हर दिन लडने के लिए तैयार हो जायें स्वयं से कठोर होने के लिए तैयार हो जायें सफलता स्वागत के लिए प्रतीक्षा करेगी... युद्ध  युद्ध शब्द कानों मे पडते ही मन-मस्तिष्क में अलग-अलग प्रकार के दृश्य घूमने लगते हैं। पर एक ऐसा युद्ध भी है, जो अविरत जारी रहता है- ये हमारे अपने ही भीतर मन के साथ होने वाला घनघोर युद्ध है।            पृथ्वी पर हर व्यक्ति जो जन्म लेता है किसी न किसी अरमान या चाहत के साथ जीवन की यात्रा का श्रीगणेश करता है। सपने होते हैं, उमंग-उत्साह का जोर भी होता है। बुद्धि, शक्ति और उल्लास का प्रचंड प्रवाह भी होता है, लेक...

कामयाब होना एक अच्छी आदत है...

@द अचीवमेंट हैविट@ कामयाब होना एक अच्छी आदत है क्यों लोकप्रिय हुई उसकी लोकप्रियता का राज उसके उपशीर्षक में छिपा है। पाठकों को इन पंक्तयों ने आकृष्ट किया था कि "दिन मे सपने देखना बंद करें" और कुछ करें और अपने जीवन की बागडोर खुद संभालें। 1- अचीवर बनने की कला क्या कारण है कि कुछ लोग अपने काम अच्छी तरह से पूरे करके अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में बहुत सफल रहते हैं ? इसकी क्या तकनीक है ?  क्या वे एलियंस हैं ? या वे जन्मजात अचीवर्स होते हैं ? नहीं उन्होंने एक चीज विकसित कर ली है, जिसे "अचीवमेंट हैविट" कहते हैं। एक बार आप इसे पा लेंगे तो आप भी *अचीवर* बन सकते हैं... 2- आदतें बदलें और अचीवर(सफल) बनें समस्या हमारी एप्रोच में है । हम एक ही गलती को बार-बार दोहराते रहते हैं। गलतियाँ करना भी एक आदत है। जब आप इस आदत को बदलकर अचीव करने की आदत डाल लेते हैं तो आपका जीवन बदल जाता है और आप अचीवर बनने की पहली सीढी पार कर लेते हैं। जब आप पहली बार किसी चीज को अचीव करते हैं तो उसे बार-बार सफलतापूर्वक करने की आपकी क्षमतायें और बढ जाती हैं। 3- चाहने और करने मे अंतर पहली अचीवमेंट हैविट है,...